
अधिवक्ता वर्ग से श्री शिव दयाल मात्र ४२ वर्ष की अल्प आयु में सन् १९५८ में मध्य प्रदेश हाइ कोर्ट के स्थायी न्यायाधीश (जज) नियुक्त हुए । सन् १९७५ में वरिष्ठता के आधार पर चीफ़ जस्तिस नियुक्त हुए और सन् १९७८ में सेवानिवृत्त हुए। उन २० वर्षों में जस्टिस शिवदयाल ने हज़ारों निर्णय दिये । अनेक अवसरों पर अखिल भारतीय समाचार पत्रों व पत्रिकाओं ने उनकी निर्भयता पर साधुवाद दिया ।
चीफ़ जस्टिस शिवदयाल ने अपने राज्य के न्यायालयों में नयी गति और नये उत्साह से कार्य कराया । उनके कार्यकाल में न्यायपालिका के लिये तीन सूत्र थे :
- न्याय वास्तविक हो ।
- न्याय शीघ्र हो ।
- न्याय सस्ता हो .
I have one extremely rare photograph of Respected Tauji (Shri Justice Shiv Dayal Ji Shrivastava) and Pitaji (Shri Jagannath Prasad Shrivastava, Advocate), when Tauji had his first visit to Gwalior as Chief Justice of Madhya Pradesh High Court. That time respected Pitaji was President of Gwalior Bar Association.